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पानी बचाओ पर निबंध – Essay On Save Water In Hindi

Essay On Save Water In Hindi: जल भगवान द्वारा हमें दिया गया सुन्दर और बहुमूल्य उपहार है। पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाये रखने के लिए जल अत्यंत जरूरी है। सम्पूर्ण ब्रम्हांड में एक अपवाद के रूप में पृथ्वी पर जीवन चक्र को जारी रखने में जल का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। क्योंकि पृथ्वी इकलौता अकेला ऐसा ग्रह है जहाँ जल और जीवन मौजूद है। जल के बिना मनुष्य जीने की कल्पना तक नहीं कर सकता, इसलिए कहा जाता है कि “जल है तो जीवन है”

क्या आप जानते हैं कि वनस्पतियों और जीवों की सभी प्रजातियों का सम्पूर्ण जीवन पानी के कारण ही सक्षम है। पानी कोशिकाओं का मुख्य घटक है। आमतौर पर कोशिका के द्रव्यमान का 70% भाग जल पर निर्भर है। इसका मतलब है कि हमारे शरीर का 70% भाग जल से बना है। जल ही वह एकमात्र परिवहन माध्यम है जो रक्त की मदद के लिए शरीर के प्रत्येक अंगो की कोशिकाओं में खाद्य अणुओं व आक्सीजन को ले जाता है। यह दर्शाता है कि प्रत्येक जीव की जीवन क्रियाओं के लिए जल सबसे आवश्यक घटक है। हमारी पृथ्वी का लगभग 71% भाग जल से घिरा हुआ है। फिर भी भारत और दूसरे देशों के बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जो पानी की कमी से जूझ रहे हैं। पृथ्वी पर जीवन का सबसे जरूरी स्त्रोत जल है, क्योंकि हमें जीवन के सभी कार्यों को पूरा करने के लिये पानी की आवश्यकता पड़ती है। जैसे- पीने, खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने, फसलों की सिंचाई करने आदि के लिए।

भारत और अन्य देशों के कई क्षेत्रों में जल की भारी कमी है जिसकी वजह से आम लोगों को पीने और खाना बनाने के साथ ही अपने रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिए पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है जबकि दूसरी ओर पर्याप्त जल वाले क्षेत्रों में लोग अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने की बजाय ज्यादा पानी बर्बाद कर रहे हैं। जिसके कारण हमें और हमारी आने वाली पीढियों को भविष्य में पानी की कमी के कारण होने वाली समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हम सभी को जल के महत्व को समझना चाहिए और हम सभी को अपने जीवन में जल को बर्बाद और प्रदूषित नहीं करना चाहिए तथा जीवन और विश्व को बचाने के लिए जल संरक्षण करना चाहिए तथा लोगों के बीच भी जल संरक्षण तथा जल बचाने की मुहिम को बढ़ावा देना चाहिए।

जल संरक्षण :

जीवन को पृथ्वी पर संतुलित करने के लिए विभिन्न माध्यमों के द्वारा जल बचाना ही जल संरक्षण कहलाता है। अस्वच्छ जल बहुत तरीकों से पूरे विश्व में कई देशों को प्रभावित कर रहा है। साथ ही साथ स्वच्छ जल का अभाव एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इस बड़ी समस्या को वैश्विक स्तर पर सुलझाने की आवश्यकता है।
पृथ्वी का लगभग तीन चौथाई भाग पानी से घिरे होने के बावजूद विश्व के कई देश पानी की समस्या से जूझ रहे हैं क्योंकि महासागर में लगभग पूरे पानी का 97% नमकीन पानी है जो इंसानों के उपयोग के लिए सही नहीं है।

पृथ्वी पर मौजूद पूरे पानी का केवल 3% ही उपयोग में लाने लायक है। जिसका कि 70% भाग बर्फ की परत और ग्लेशियर के रुप में है, अर्थात् 1% पानी ही पीने लायक पानी के रूप में उपलब्ध है।

पृथ्वी पर सुरक्षित और पीने योग्य पानी होने की कमी की वजह से जल संरक्षण और जल बचाओ अभियान बहुत जरूरी हो चुका है।
औद्योगिक कूड़े कचरे के कारण रोज पानी के बड़े बड़े स्त्रोत दूषित हो रहे हैं। जल संरक्षण में अधिक कार्यक्षमता लाने के लिए सभी औद्योगिक इमारतें, स्कूल, अस्पताल आदि सभी को उचित जल प्रबंधन को बढ़ावा देना चाहिए तथा लोगों द्वारा पानी की बर्बादी के व्यवहार को मिटाने के लिए कड़े से कड़े कानून लागू करने की बहुत जरूरत है। जल संरक्षण के लिए युवा छात्रों को जागरूक होने की अत्यधिक जरूरत है। विकासशील देशों में रहने वाले लोगों को जल की असुरक्षा और कमी बहुत प्रभावित कर रही है। आपूर्ति से बढ़कर मांग करने वाले क्षेत्रों में विश्व की जनसंख्या के 40% लोग रहते हैं। आने वाले समय में यह स्थिति और भी खराब हो जाएगी क्योंकि भविष्य में जनसंख्या, कृषि, उद्योग सभी कुछ बढ़ेगा।

जल संरक्षण के उपाय :

भविष्य में पानी की कमी से होने वाली समस्याओं को देखते हुए जल संरक्षण के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए।

  1. लोगों को अपने बगीचे या उद्यानों में केवल तभी पानी देना चाहिए जब जरूरत हो।
  2. पाइप के स्थान पर फुहारे से पानी देने में अधिक मात्रा में पानी बचाया जा सकता है।
  3. पाइपलाइन व नलों के ज्वाइंट्स को ठीक तरह से लगाए जिससे कि पानी रिसकर बर्बाद न हो।
  4. लोगों को अपने वाहनों को धोने के लिए पाइप की जगह बाल्टी और मग का प्रयोग करना चाहिए जिससे पानी की ज्यादा बर्बादी न हो।
  5. फुहारे के तेज बहाव को रोकने के लिए अवरोधक का प्रयोग भी करना चाहिए।
  6. फलों व सब्जियों को धोने के लिए नलों के स्थान पर पानी से भरे हुए बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए।
  7. फुहारे से नहाने के स्थान पर हमें बाल्टी व मग का प्रयोग करना चाहिए।
  8. इस्तेमाल करने के बाद नल को बन्द कर देना चाहिए, नल को पूरा नहीं खोलना चाहिए जिससे पानी ज्यादा बर्बाद न हो।
  9. होली के त्योहार के समय पर पानी के ज्यादा प्रयोग से बचना चाहिए, हमें सूखी व स्वच्छ होली को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे पानी बचाया जा सके।

जल संरक्षण के कारण :

पृथ्वी पर 1% से भी कम पानी पीने योग्य है। लोग स्वच्छ जल का महत्व समझ तो रहे हैं परन्तु उसे बचाने के लिए कोशिश नहीं कर रहे हैं। कुछ वर्षों पूर्व दुकानों पर पानी नहीं बेचा जाता था, पहले समय में लोग दुकानों पर पानी बिकता देख आश्चर्यचकित होते थे परंतु आज सभी दुकानों पर पानी की थैलियाँ और बोतलें मिलती हैं।
वर्तमान समय में 4 बिलियन से भी ज्यादा लोग सिर्फ पानी की बीमारियों के कारण मर रहे हैं।

उपसंहार :

यदि हम सभी लोग पानी की समस्याओं को देखते हुए अपने दैनिक कार्यों में पानी बचाने की आदत डालेंगे तो बहुत बड़े भाग में पानी बचा पाएंगे। ऐसा करने से निश्चित रूप से हमारा भविष्य व जीवन खुशहाल होगा।

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