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युजवेन्द्र चहल की जीवनी | Yuzvendra Chahal Biography in Hindi

Yuzvendra Chahal Biography in Hindi : यजुवेंद्र चहल भारतीय क्रिकेट टीम का अब एक जाना माना चेहरा है। जो क्रिकेट देखता है यजुवेंद्र चहल को बखूबी जानता होगा। भारतीय क्रिकेट टीम का अगर आज इतना शानदार स्पिन गेंदबाजी अटैक है तो उसका एक मुख्य कारण युजवेंद्र चहल भी हैं। भारतीय टीम की स्पिन जोड़ी यानी कि यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव इस समय किसी भी विरोधी टीम के घुटने टिकाने की क्षमता रखती है। अभी हाल ही में यजुवेंद्र चहल ने इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी शानदार टीम के खिलाफ उन्हीं के घर में काफी शानदार खेल दिखाया है। उन्होंने साबित किया है कि वह ना केवल भारत में बल्कि विदेश में भी आसानी से विकेट निकाल सकते हैं। भारतीय स्पिन गेंदबाजी की चहल अब धार बन चुके हैं और उनका 2019 विश्व कप मे खेलना अब लगभग तय है। आइए जानते हैं यजुवेंद्र चहल के बारे में और बहुत कुछ।

शुरुआती जीवन ( Early life)

यजुवेंद्र चहल का जन्म 23 जुलाई 1990 को हरियाणा के जिंद नामक शहर में हुआ था। उनके पिता केके चहल पेशे से एडवोकेट और उनकी माँ सुनीता देवी हाउसवाइफ है। उनकी दो बहन है और दोनों ही ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं। चहल अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य हैं।

चैस मे करियर ( Career in chess)

चहल का बचपन से ही चैस में बहुत इंटरेस्ट था। वे बचपन से ही काफी तेज दिमाग के थे। उन्होंने 8 साल की उम्र से ही चैस खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने कैरियर में आगे चलकर नेशनल लेवल पर चैस खेल और भारत को यूथ चेस चैंपियनशिप में रिप्रेजेंट भी किया। लेकिन आगे चलकर कोई स्पॉन्सर ना मिलने के कारण उनको चैस छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट पर अपना ध्यान केंद्रित किया। चहल एकमात्र ऐसे इंसान है जिन्होंने भारत का चैस और क्रिकेट दोनों मे प्रतिनिधित्व किया है।

डोमेस्टिक करियर ( Domestic Career)

चहल ने रणजी में हरियाणा की तरफ से खेलते हुए 2009 में मध्यप्रदेश के खिलाफ अपना डेब्यू किया। रणजी में काफी मेहनत करने के बाद 2011 आईपीएल में मुंबई इंडियंस ने चहल को अपनी टीम में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने आईपीएल के 3 सेशन में केवल एक मैच खेला। लेकिन उन्होंने 2011 चैंपियंस लीग टी-20 में काफी अच्छा खेल दिखाया। इसके बाद 2014 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उनको अपनी टीम में शामिल किया और 2018 की आईपीएल ऑक्शन में वह काफी महंगे 6 करोड में बिके। इस दौरान उनका असली टैलेंट बाहर आया और वह देखते ही देखते रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की गेंदबाजी का का बेहद अहम हिस्सा बन गए। आईपीएल में बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली उन पर आंख बंद करके विश्वास करते हैं। वह अब तक अपने आईपीएल करियर में में 70 मैचों में 82 विकेट झटक चुके हैं।

इंटरनेशनल करियर (International Career )

आईपीएल और रणजी क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत 11 जून 2016 को उन्होंने जिंबाब्वे के खिलाफ अपना एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। जिंबाब्वे के खिलाफ दूसरे ही मैच में उन्होंने मात्र 25 रन देकर तीन विकेट लिए और भारत को एक आसान जीत दिला दी। इस दौरान उन्होंने कुछ बेहद तेज गेंदे भी फेंकी जिन की स्पीड 105 से ऊपर रही। वह अपनी इस स्पीड से कभी भी बल्लेबाज को छकाने की क्षमता रखते हैं। यही देखते हुए उनको जिंबाब्वे के खिलाफ T20 में भी डेब्यू करने का मौका मिला।
1 जनवरी 2017 को उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ T20 मैच में मात्र 25 रन देकर 6 विकेट लिए और एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। T20 क्रिकेट में 5 विकेट लेने वाले चहल पहले लेग स्पिनर है। इसी के साथ T20 क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी यजुवेंद्र चहल के नाम है। 2017 में T20 में उन्होंने सबसे ज्यादा विकेट(23) झटके।

चहल दो बार वनडे क्रिकेट में 5 विकेट ले चुके हैं। अभी हाल ही में जनवरी 2019 में हुई ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की जमीन ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर ही 42 रन देकर 6 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। यजुवेंद्र चहल अब तक 37 वनडे की 36 पारियों में 66 विकेट ले चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनामी रेट बेहद कम 4.74 का रहा है। वह इतनी आसानी से बल्लेबाज को रन नहीं बनाने देते हैं। T20 मे भी वे भारत की ओर से अब तक 27 मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं।

चहल के बारे में कुछ रोचक तथ्य ( Interesting facts about Chahal)

  1. चहल भारत को ग्रीस में हुए 2003 चैस वर्ल्ड कप कप में रिप्रेजेंट कर चुके हैं।
  2. चहल ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर शेन वार्न के के बहुत बड़े फैन हैं और वह कहते हैं कि उन्हीं की बदौलत उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया किया।
  3. चहल का नाम भारतीय अभिनेत्री और मॉडल तनिषा कपूर के साथ जोड़ा जाता रहा है। लेकिन चैनल कहते हैं कि यह अफवाह से ज्यादा कुछ नहीं।
  4. चहल कहते हैं कि उन्होंने चैस से ही धैर्य रखना और बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ना सीखा है। वह मानते हैं कि विकेट के पीछे से महेंद्र सिंह धोनी उनकी काफी मदद करते रहते हैं। वह महेंद्र सिंह धोनी के भी बहुत बड़े कायल है।

इस समय यजुवेंद्र चहल भारत के लिए एक बेहद अहम लेग स्पिनर बन चुके हैं और वह लगातार भारत के लिए अच्छा खेल दिखा रहे हैं। यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की जोड़ी भारत के लिए हर मुश्किल परिस्थिति में विकेट निकालती आई है। ऐसे में 2019 में इन दोनों स्पिनर्स की बदौलत भारत का पलड़ा काफी भारी दिखाई पड़ता है। भारत को अगर 2019 का विश्व कप जीतना है तो इन्हीं दोनों गेंदबाजों पर काफी कुछ निर्भर करेगा कि वह कैसा खेल दिखाते हैं। देखना दिलचस्प होगा कि यजुवेंद्र चहल अपने आने वाले समय में किस तरह की क्रिकेट खेलते हैं और भारत को कहां तक ले जाते हैं।