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आतंकवाद पर निबन्ध | Essay on Terrorism in Hindi

Essay on Terrorism in Hindi : आज के समय में हमारा भारत कई प्रकार की परेशानियों से जूझ रहा है जैसे कि गरीबी,भुखमरी, बेरोजगारी, असाक्षरता और आतंकवाद. हर परेशानी का हल पाना बहुत सरल है जैसे गरीबी को मिटाने के लिए रोजगार दिलवाया जा सकता है, भुखमरी मिटाने के लिए भोजन दिया जा सकता है, असाक्षरता को खत्म करने के लिए शिक्षा अभियान चलाए जा सकते हैं लेकिन आतंकवाद का ऐसा कोई अचूक और स्थाई उपाय नहीं है. आतंकवाद एक बीमारी है जो हमारे देश में हर कोने में फैलती जा रही है. आतंकवाद किसी एक व्यक्ति या राष्ट्र के लिए ही मुश्किल की वजह नहीं है बल्कि यह पूरी मानव सभ्यता के लिए विनाश एवं मुश्किल का कारण है. यह सिर्फ हमारे देश भारत में ही नहीं बल्कि पूरे संसार में इतनी तेजी से फैलता जा रहा है कि अगर इस पर लगाम ना लगाई जाए तो यह पूरी सभ्यता के लिए खतरा बन जाएगा.

आतंकवाद को अगर शब्दों में देखें तो इसका मतलब है डर को मानना या फिर भय के सिद्धांतों को मानना. जहां भय या डर आ जाता है वहां आतंकवाद का बीज पैदा होने लगता है. आतंकवाद का एक ही सिद्धांत है कि एक भययुक्त वातावरण तैयार करना जिससे सभी स्वार्थों की पूर्ति की जा सके. इस संसार के सभी देश और प्रदेश आतंकवाद के भय से प्रभावित हैं.

आतंकवाद संसार में रावण के उन 10 सिर के जैसा है जिसमें अगर 1 को काट दिया जाए तो दूसरा कहीं ना कहीं से निकल आता है. हमें आतंकवाद का उदाहरण लेने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है हम अपने देश में ही देखें तो जब सरकार पंजाब से आतंकवाद खत्म करने में सफल होती है तब किसी दूसरे राज्य जैसे कि जम्मू-कश्मीर या फिर उत्तर पूर्वी राज्य में आतंकवाद का बीज पैदा होने लगता है. इतना ही नहीं आतंकवाद को हमारे देश में बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान जैसे देश निरंतर पिछले 50 सालों से प्रयास करते आ रहे हैं. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं. इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, ब्रहम समाजी, आर्य समाजी, पारसी आदि हर धर्म का व्यक्ति मिल जाएगा. इतना ही नहीं भारत एक संवैधानिक देश है जहां हर धर्म के व्यक्ति को पूर्ण मान एवं सम्मान और हक दिया जाता है. यहां हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है.

अगर धर्म की दृष्टि से देखें तो हर धर्म यही कहता है कि ईश्वर एक है. परंतु कुछ ऐसे लोग और तत्व भी इस देश में मौजूद है जो धर्म को ही अपनी ढाल बनाकर आतंकवाद फैलाने की कोशिश करते हैं. यह लोग किसी धर्म के नहीं होते. यह हिंदू धर्म में मिलकर मुस्लिम धर्म का अपमान करते हैं और मुस्लिम धर्म में मिलकर हिंदू धर्म को लज्जित करते हैं. इनका सिर्फ एक ही उद्देश्य होता है वह है धर्म के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देना और फिर यह कह दिया जाता है कि 2 धर्म संगठनों में दंगे फसाद हो गए हैं.

यह लोग धर्म के नाम पर इतना भ्रम पैदा कर देते हैं कि लोग एक दूसरे के धर्म के प्रति घृणा अपने मन में रखने लगते हैं. इसके बाद लोग एक दूसरे का खून बहाने से भी नहीं हिचकीचाते.
पर क्या इस सब समस्या का कोई समाधान नहीं है? समाधान है. इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है हम सबकी पूरे भारतवर्ष की एकता और एक दूसरे के धर्म और व्यक्तित्व पर विश्वास. अगर हम एक दूसरे पर विश्वास रखकर अपने धर्म को मानकर अपने कार्य में विलीन रहेंगे तो आतंकवाद जैसी चिड़िया हमारी छतों पर भी नहीं मंडरा सकेगी. आतंकवाद की एक ही जड़ है वह है हमारा .अगर हम अपने भय से मुक्ति पा लेते हैं तो हम आतंकवाद से भी मुक्ति पा सकेंगे

आतंकवाद की समस्या, कारण और समाधान

आंतकवाद की समस्या के कुछ मुख्य कारण:

आज के समय में आतंकवाद एक बहुत बड़ी बीमारी है. इस बीमारी के मुख्या कारण इस प्रकार है:

  1. बन्दूक, मशीन गन, तोपें, एटम बोम, हाईड्रोजन बम, परमाणु हथियार, मिसाइल आदि का अधिक मात्रा में निर्माण होना.
  2. आबादी का तेजी से बढ़ना
  3. राजनैतिक, सामाजिक, अर्थव्यवस्था
  4. देश की व्यवस्था के प्रति असंतुष्ट
  5. शिक्षा की कमी
  6. गलत संगति
  7. बहकावे में आना

आतंकवाद का असर:

  1. आतंकवाद से लोगों में डर पैदा हो जाता है, वे अपने राज्य, देश में असुरक्षित महसूस करते है.
  2. आतंकवाद के सामने कई बार सरकार भी कमजोर दिखाई देती है, जिससे लोगों का सरकार पर से भरोसा उठते जा रहा है.
  3. आतंकवाद को मुद्दा बनाकर किसी भी सरकार को गिराया जा सकता है
  4. आतंकवाद के चलते लाखों की सम्पति नष्ट हो जाती है, हजारों लाखों मासूमों की जान चली जाती है.
  5. जीव-जंतु भी मारे जाते है.
  6. मानवजाति का एक दुसरे से भरोसा उठ जाता है.
  7. एक आतंकवादी गतिविधि देखने के बाद दूसरा आतंकवादी भी पैदा होने लगता है.

आतंकवाद की समस्या का निदान

  1. आतंकवाद को खत्म करने के लिए जरूरी है धर्म को सही से समझना. आज के समय में इंसान जातिवाद के जंजाल में कुछ इस कदर पद गया है कि वह धर्म के ऊपर इंसानियत को सोचता ही नहीं. धर्म हमें बांधने के लिए नहीं है बल्कि हमारी सुविधा के लिए है. धर्म हमें अच्छी बातें सिखाता है शिक्षा दिलाता है इंसानियत दिखाता है. इंसानियत को हमेशा धर्म एवं जाति के ऊपर रखना चाहिए. तभी हम इस समस्या से निदान पा सकेंगे.
  2. इस दुनिया में प्यार से बड़ी कोई चीज नहीं होती. बड़े बुजुर्गों ने कहा है कि अगर प्यार है तो भगवान है अगर भगवान है तो प्यार है. इसलिए जरूरी है कि हम सब को अपना मान कर उनसे प्यार करें और उनकी मदद करें. दूसरों की गलतियां निकालते रहना ही हर समस्या का समाधान नहीं होता. इसलिए जरूरी है कि हम दूसरे व्यक्ति की दशा और दिशा को समझ कर उसकी मदद करने का प्रयास करें. अगर हम सबके साथ भाईचारा निभा कर चलेंगे तो आतंकवाद जैसी बीमारी हमारे संसार से जड़ से खत्म हो जाएगी.
  3. अगर आप चाहते हैं कि आप के आने वाली पीढ़ी आतंकवाद से दूर रहे तो यह जरूरी है कि उन्हें अच्छी शिक्षा दी जाए. अच्छी शिक्षा इंसान को सही और गलत में फर्क करने की समझ देती है. अच्छी शिक्षा मिलने पर इंसान की सोच बदल जाती है और सोचने समझने की शक्ति में बदलाव आने के कारण व्यक्ति सही दिशा में ही सोचता है. जो व्यक्ति एक सही दिशा में सोच कर अपने कार्यों का पालन करता है उसे एक गलत राह पर ले जाना बहुत ही मुश्किल होता है.

आज आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर कोई बातें तो बहुत बनाता है लेकिन उन बातों पर अमल बहुत ही कम लोग कर पाते हैं. अगर हमें आतंकवाद पर फतह हासिल करनी है तो उसके लिए जरूरी है कि हम लोग मिलकर काम करें. इसी बात को मद्देनजर रखते हुए हर साल 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है. आतंकवाद कोई एक देश की बीमारी नहीं है बल्कि एक विश्वव्यापी समस्या है जिससे निपटने के लिए जरूरी है कि हम सब इकट्ठा होकर एकजुट होकर धर्म की जगह इंसानियत को देख कर आगे बढ़े.