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ग्रीष्म ऋतू पर निबंध | Essay on Summer Season in Hindi

Essay on Summer Season in Hindi : साल में चार मौसम होते हैं और ग्रीष्म ऋतु का मौसम इन चारों में सबसे ज्यादा गर्म होता है. ग्रीष्म ऋतु को गर्मी का मौसम भी कहा जाता है. भारत एक ऐसा देश है जहां छह ऋतु होती हैं जो एक के बाद एक आती रहती हैं. इन क्षेत्रों में से एक ऋतु है ग्रीष्म ऋतु. ग्रीष्म ऋतु बसंत ऋतु के बाद आती है और ग्रीष्मकालीन संक्रांति के दौरान इसका प्रारंभ होता है. ग्रीष्म ऋतु का समापन शीत ऋतु के आरंभ होने पर होता है.

दक्षिण और उत्तरी गोलार्ध एक दूसरे के विपरीत दिशा में है और यही वजह है कि अगर एक तरफ गर्मी होती है तो दूसरी तरफ सर्दी. साधारण भाषा में बात करें तो मनुष्य किसी भी एक चीज के साथ जिंदगी नहीं बिता सकता. अगर मनुष्य को कहा जाए कि उसे एक ही तरह के वातावरण में जीवन भर रहना है तो सोचिए इसका प्रभाव उस पर कैसा पड़ेगा? हर किसी को बदलाव प्यारा होता है और शायद इसी वजह से प्रकृति के भी अपने नियम है कि वह बदलती रहती है रितु के अनुसार. अलग अलग रितु हमारे स्वास्थ और आनंदित जीवन के लिए भी बहुत जरूरी हैं.

ग्रीष्म ऋतु का मौसम

हम सब जानते हैं कि पृथ्वी गोल है और वह घूमती रहती है. जिस समय पृथ्वी घूमते घूमते सूरज की तरफ झुकती है तो गर्मी का मौसम आ जाता है. यह इसलिए कि उस वक्त पृथ्वी पर सूर्य की गर्मी और ज्यादा तेजी से बढ़ती है. जिस समय गोलार्ध सूर्य की तरफ होता है तब ग्रीष्म ऋतु का मौसम आ जाता है और जब वह सूर्य से दूर होता रहता है तो सर्दी का मौसम आता रहता है. मौसम विभाग के अनुसार ग्रीष्म ऋतु ज्येष्ठ और आषाढ़ के महीने में आती है. गर्मी के मौसम में सुबह की धूप को बर्दाश्त कर पाना भी बहुत मुश्किल होता है क्योंकि उस समय सूर्य की किरने बहुत तेज होती हैं. बल्कि बच्चों के लिए गर्मियों की छुट्टियों का मौसम बहुत सुहाना होता है क्योंकि उस समय उन्हें स्कूल नहीं जाना पड़ता और मैं अपनी मनपसंद जगहों पर घूमने जा सकते हैं. सभी स्कूलों में गर्मी के मौसम में 40 दिन की छुट्टियां दी जाती हैं. इसकी वजह यही है कि बच्चे सूर्य की तपती किरणों से बच सकें और अपना समय अच्छे से व्यतीत कर सकें.

स्कूल की छुट्टियां जून के महीने में पढ़ती है क्योंकि वह मौसम लू का मौसम भी कहा जाता है. ज्यादातर लोग इस मौसम में पहाड़ी इलाकों में जाना पसंद करते हैं क्योंकि वहां उन्हें ठंडक महसूस होती है. गर्मियों में लोग दो से तीन बाहर नहाते तक है. इतना ही नहीं गर्मी में प्यास भी ज्यादा लगती है और ज्यादा से ज्यादा ठंडा पानी पीने का और ठंडी चीजें खाने का मन करता है.

ग्रीष्म ऋतु के लाभ

जैसा कि हम जानते हैं हर ऋतु या फिर हर मौसम के अपने लाभ हैं इसी तरह ग्रीष्म ऋतु के भी मनुष्य के जीवन में अनेक लाभ हैं. जब गर्मी अच्छी तरह पड़ती है तो वर्षा भी बहुत अच्छी तरह होती है और इसी वजह से खाना पकता है और खाने के योग्य बनता है. गर्मी के मौसम में विषैले कीटाणु नष्ट हो जाते हैं. और स्वाद की बात करें तो गर्मी के मौसम में हमें स्वादिष्ट फल जैसे आम, लीची आदि खाने को भी मिलते हैं. इसके साथ-साथ गर्मी के दिनों में हमें अलग-अलग प्रकार के शरबत, लस्सी, मटका दही, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों का आनंद भी मिलता है. और जो लोग मीठे और ठंडे के बहुत शौकीन होते हैं वह गर्मी के मौसम में कुल्फी का आनंद भी लेते हैं.

क्यों आता है गर्मी का मौसम?

गर्मी का मौसम सबसे अधिक तापमान वाला होता है. इतना ही नहीं इसमें खतरनाक मॉनसून भी शामिल होता है जिसकी वजह से जगह-जगह पर मृत्यु का दर भी बढ़ जाता है. तापमान बढ़ने की वजह से मौसम भी गर्म हो जाता है और पानी की कमी भी होने लगती है कई जगहों पर तू सुखा भी पड़ जाता है. गर्म हवा और तापमान की वजह से यह मौसम और ज्यादा गर्म हो जाता है जो कि मनुष्य और जानवर दोनों के लिए ही हानिकारक साबित होता है. बल्कि इस मौसम में ज्यादातर मृत्यु तो शरीर में पानी की कमी होने के कारण होती हैं. डॉक्टरों के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति को गर्मी में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए. महिलाओं को 1 दिन में 3 लीटर पानी पीना चाहिए और पुरुषों को 4 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए.

जो लोग शारीरिक व्यायाम ज्यादा करते हैं उन्हें अपनी पानी की मात्रा और बढ़ा देनी चाहिए क्योंकि गर्मियों में पसीना ज्यादा निकलता है जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी होने के आसार ज्यादा होते हैं. राष्ट्रीय जलवायु केंद्र के अनुसार अब तक साल 2014 में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी है. नासा के अनुसार हर साल गर्मी बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग की समस्या भी बढ़ रही है. बढ़ती हुई गर्मी को देखते हुए नासा का यह भी कहना है कि कुछ सालों बाद पूरा विश्व एक गर्म स्थल बन जाएगा.

उपसंहार

हर एक ऋतु का अपना-अपना महत्व होता है.गरीब लोगों के लिए ग्रीष्म ऋतु एक वरदान की तरह होती है क्योंकि जिनके पास घर नहीं होता वह कहीं भी सो सकते हैं.अमीर लोग गर्मी के मौसम को कम आकर्षक मानते हैं. प्रकृति की रचना के अनुसार मौसम आते और जाते रहते हैं हमारे लिए जरूरी है कि हम हर मौसम का आनंद ले और उसके अनुसार अपने जीवन को ढालने की कोशिश भी करें.

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