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नए साल पर हिन्दी निबंध | Essay on happy New Year in Hindi

Essay on happy New Year in Hindi – हर साल एक नया साल (New Year) आता है और एक साल चला जाता है. हर नए साल का स्वागत हम बहुत धूमधाम से करते हैं और विदा भी उस खुशी के साथ करते हैं.

वैसे तो पूरी दुनिया (World) में नया साल (New Year) अलग – अलग दिन में मनाया जाता है. लेकिन भारत के अलग – अलग क्षेत्रों में भी नए साल की शुरूआत अलग – अलग वक्त में होती है. वहीं अगर हम अंग्रेजी कैलेंडर (Calendar) की बात करें तो उसके मुताबिक एक जनवरी (January) से नए साल की शुरूआत मानी जाती है, क्योंकि 31 दिसंबर (December) को साल का अंत हो जाता है. इसलिए पूरी दुनिया एक साथ मिलकर नया साल (New Year) की शुरूआत बहुत धूमधाम से करती है.

वहीं दूसरी तरफ अगर हम हिन्दू पंचांग की बात करें तो इसके मुताबिक नया साल 1 जनवरी से शुरू नहीं होता है. हिन्दू पंचांग में नए साल की शुरूआत गुड़ी पड़वा से होती है. लेकिन 1 जनवरी को पूरा भारत एक साथ नए साल का स्वागत करता है और ये भारत में रहने वाले हर धर्म के लोगों के बीच एकता को दिखता है. हिन्‍दू हो या मुस्लिम हर कोई नए साल स्‍वागत खुशी के साथ करता है.

Essay on happy New Year in Hindi

हर साल 31 दिसंबर (December) की रात से ही अलग – अलग स्थानों पर लोग इकट्ठा होकर नए साल (New Year) का जश्न मनाते हैं और रात के 12 बजते ही सभी एक दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं.

वहीं कई लोग अपने स्थानों पर अपने दोस्तों के साथ पार्टी (Party) आयोजित करते हैं, जिस में सब मिलकर खूब नाचते हैं, गाते हैं, तरह-तरह के गेम खेलते हैं. साथ ही सब मिलकर स्वादिष्ट खाने का आंनद लेते हैं.

वहीं अगर हम बड़े – बड़े शहरों जैसे मुंबई (Mumbai) , राजधानी दिल्ली (Delhi), बैंगलोर और चेन्नई की बात करें तो यहां पर बड़े लाइव कॉन्सर्ट किये जाते हैं. जिनमें बॉलीवुड (Bollywood) के कई सितारे (Celebrates) और मशहूर लोग इकट्ठे होकर नए साल का स्वागत करते हैं. कई बॉलीवुड के सितारें अपनी अदाओं से लोगों का मनोरंजन (Entertainment) भी करते हैं.

इन कार्यक्रमों (Program) को देखने बड़ी तदाद में लोग आते हैं और यहां पर इंट्री फीस (Entry Fees) भी बहुत महंगी रखी जाती है. लेकिन वहीं भारत (India) में कुछ लोग हैं जो अपने परिवार (Family) और अपने करीबी दोस्‍तों (Friends) के साथ घर में मिलकर पार्टी करते हैं या फिर सब के साथ कही बाहर घूमने जाते हैं.

यह तो बात थी कि पार्टी (Party) कहां और कैसे की जाती है. लेकिन नए साल के खास मौके पर मंदिरों को भी सजाया जाता है. साथ ही कई जगहों में हवन, पूजा-पाठ किया जाता है ताकि पूरा साल भगवान के अर्शीवाद के साथ बीते. कई ऐसे लोग हैं जो नए साल (New Year) के मौके पर सबसे पहले मंदिर (Temple) जाते हैं और भगवान का अशीर्वाद लेते हैं या फिर अपने घर में पूजा – पाठ करवाते हैं.

हर साल नया साल (New Year) आना तो ठीक हैं लेकिन इस पर सोचने की बात ये है कि हम ने हर साल क्या नया और खास किया. जिस से बीता साल हमारे लिए यादगार बन गया. वर्ष प्रतिपदा का महत्व जानना बहुत जरुरी है क्योंकि जिंदगी में बहुत सारे उतार चढ़ाव आते हैं. और जरुरी नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए हर साल अच्छा ही जाए या हर साल हर किसी के लिए बुरा ही जाए.

लेकिन इस का मतलब ये नहीं होता है कि हम बीते कल को भूल जाएं क्योंकि बीता कल हमें आज के लिए और आने वाले कल के लिए सीख देकर जाता है. अच्छी चीजें हमारे जीवन में खुशी (Happiness) लाती है तो वहीं बुरी चीजें सीख देकर जाती है. हर साल नए साल (New Year) के साथ नई यादें बनो और बीते साल के साथ बुरी यादें भूल जाओ. नया साल हमें ये ही सीखता है.

हर नया साल (New Year), नई उम्मीदें, नए सपनें, नए लक्ष्य, नए जोश और नए वादों लेकर आता है. कई लोग नए साल के मौके पर अपने आप से कई वादे करते हैं. कुछ लोग अपनी बुरी आदते छोड़ने की कसम रखते हैं तो कुछ अच्‍छी आदतों को अपनाने की. साथ ही ऐसा कहा जाता है कि नए साल (New Year) का पहला दिन अगर पूरे उत्साह और खुशी के साथ बीते तो इसका मतलब यह है कि पूरा साल वैसा ही जाएगा. इसी बात को मानते हुए कई लोग नए साल के पहले दिन अच्‍छे – अच्‍छे काम भी करते हैं.

इसलिए कई लोग साल के पहले दिन मंदिर (Temple) जाते हैं और कई लोग गरीबों व अनाथ बच्चों के साथ वक्त बीता पंसद करते हैं. दरअसल, नया साल (New Year) एक नई शुरूआत को दर्शाता है और हमेशा आगे बढ़ने की सीख देता है.

कुछ लोग जो अपने जीवन (Life) में हार मान लेते हैं. वह लोग नए साल के साथ नए जोश के साथ नई शुरूआत करते हैं. हमें बीते साल में हम ने क्या किया, क्या सीखा, कितना सफल (Successful) हुए और कितना असफल (Unsuccessful) . इन सब बातों को लेकर उससे सीख लेकर, एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ना चाहिए. हमें एक लक्ष्‍य तय करना चाहिए कि आने वाले साल में हम क्‍या नया करेंगे. नया साल (New Year) , नई उम्मीद की ही पहचान है.

हम लोग जब नए साल (New Year) की शुरूआत करते हैं तो खुशी के साथ करते हैं धूमधाम से करते हैं तो सिर्फ बीते साल के दुखों को क्यों साथ लेकर जाएं. नए साल (New Year) के साथ, पुराने साल के बीत जाने पर अपने सारे दुखों को भी भूल जाना चाहिए.

नए साल (New Year) के मौके पर लोग एक दूसरों को हार्दिक शुभकामनायें (Best Wishes) भेजते हैं और नए उमंग और ढेर सारी खुशियों की कमाना करते हैं. अगर आप भी किसी को नए साल (New Year) शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं तो नीचे दी गई शायरी से भेज सकते हैं.

Happy new year shayri

ये जिंदगी भी कितनी प्यारी है,
सुखों का कारवां है,
हंसी से हमारी यारी है,
नया साल तो आज आया है,
वैसे ये वक़्त कब से हमारा है….