health & fitness health tips

डेंगू बुखार की विस्तृत जानकारी और बचाव के उपाय | Dengue Fever & Home Treatment in Hindi

Dengue Fever & Home Treatment in Hindi: डेंगू बुखार की विस्तृत जानकारी और बचाव के उपाय| Dengu Fever & Home Treatment In Hindi
डेंगू बुखार एक जानलेवा बुखार है जिसके चपेट में हर साल कई लोग आते है खासकर बारिश के मौसम में। इस मौसम में कई जगहों पर पानी भरा रहता है और इन ठहरे पानी में ही डेंगू के मच्छर पनपते हैं।कई बार हम सामान्य बुखार और डेंगू बुखार में अंतर नही कर पाते। आइए जानते है कि दोनों बुखारो में अंतर क्या है और आप कैसे पहचाने कि आपको साधारण बुखार हुआ है या डेंगू बुखार। ऐसा नही है जिनको एक बार डेंगू हो चूका है उसको फिर से नही हो सकता है। उसको वापिस हो सकता है और वो और भी घातक हो सकता है। समय पर इलाज से व्यक्ति ठीक हो सकता है। होमियोपैथी में भी इस बीमारी का अच्छा इलाज है।

डेंगू मच्छर की पहचान

सफेद और काली धारी वाले मच्छर डेंगू के मच्छर होते है।

डेंगू बुखार और साधारण बुखार में अंतर

  1. अगर बुखार की गोली खाकर या आराम करने से बुखार उतर जाता है तो वो सामान्य बुखार है लेकिन अगर वो नही उतरता है तो वो डेंगू बुखार हो सकता है। इसका पता ब्लड टेस्ट से ही लग सकता है। अगर रिजल्ट में डेंगू वायरस आता है तो इलाज तुरंत शुरू हो जाना चाहिए।
  2. कई बार सामान्य बुखार में भी पेट में इन्फेक्शन हो जाते है और उलटी दस्त लग जाते है जिस वजह से डिहाइड्रेशन हो जाता है| इस वजह से सिर की कोशिकाओ को नुक्सान होने लगता है और इंसान के दिमाग पर असर पड़ने लगता है। कई बार हालत इतनी ख़राब हो जाती है कि ब्रेन डेड हो जाता है और मरीज कोमा तक पहुंच जाता है। साधारण बुखार भी ख़तरनाक हो सकता है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स बहुत तेजी से कम होती है जिसकी वजह से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होने लगता है और ये बीमारी जानलेवा हो जाती है। वैसे तो सामान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स कम होते है पर इतनी तेजी से नही जितनी तेजी से डेंगू बुखार में होते है।

यात्रा और डेंगू

इस बीमारी का शिकार वो लोग ज्यादा होते है जो यात्रा करते है क्योकि वो कई तरह के लोगो के संपर्क में आते है और डेंगू एक मरीज से दूसरे व्यक्ति तक मच्छर के जरिए पहुंचता है, इसलिए यात्रा के दौरान बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।

  1. किसी भी जगह पर जाने से पहले इस बात का पता जरुर लगाए कि वो जगह डेंगू से प्रभवित क्षेत्र तो नही है। अगर है तो उस क्षेत्र में जाना खतरनाक हो सकता है। पहले तो नही जाना सबसे अच्छा उपाय है पर अगर जाना जरुरी है तो कुछ सावधानियां जरुर बरते।
  2. उस जगह पर न ठहरे जहाँ पर गन्दगी या ठहरा हुआ पानी हो।
  3. जब भी यात्रा पर जाए अपने साथ मच्छरदानी ले जाए ताकि सोते वक्त आप इसका इस्तेमाल करके अपने आप को मच्छर से बचा सके।
  4. आप होमियोपैथी दवा लेकर इससे बच सकते है।
  5. पूरी आस्तीन के कपडे पहने।

डेंगू बुखार के कारण

  1. डेंगू संक्रमित मरीज को काटने वाला मच्छर अगर किसी और व्यक्ति को काट ले तो उस व्यक्ति को भी डेंगू हो जाता है।
  2. बारिश के मौसम में ये बीमारी सबसे ज्यादा फैलती है क्योकि इस मौसम में ज्यादातर जगह पर पानी भरा रहता है। ये मच्छर जमा पानी में ही पैदा होते हैं।
  3. गर्मियों में कुलर और गमलो में रखे पाने में ये मच्छर पनपते है।

डेंगू बुखार के लक्ष्ण

तेज बुखार आना : डेंगू का सबसे पहला लक्ष्ण है तेज बुखार। ये बुखार 105 डिग्री तक चला जाता है।

बदन दर्द : इस बुखार में बदन टूटने लगता है और जोड़ो में बहुत दर्द रहता है।

घबराहट होना और जी मचलना : जिनको डेंगू होता है उनका जी मचलता है और घबराहट होती है।

लाल चकते या दाने : अगर बुखार के साथ साथ शरीर में लाल चकते और दाने होने लगते है तो डेंगू हो सकता है।

आँखों में दर्द : डेंगू के रोगियों को आंखे हिलाने पर दर्द होता है।

थकान महसूस होना : जिनको डेंगू होता है वो बहुत थकान महसूस करते है।

अगर बुखार के साथ साथ आपको ऊपर लिखे लक्षण भी दिख रहे है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे ताकि आपका ब्लड टेस्ट हो सके और अगर डेंगू निकलता है तो आपका इलाज तुरंत शुरू हो सके। इस बीमारी में लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

डेंगू बुखार का इलाज

डेंगू का इलाज डॉक्टर की सलाह से घर या हॉस्पिटल में हो सकता है। कई लोग तो डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों का सही समय पर लेकर, घर पर आराम करके और ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर ठीक हो जाते है। इस बीमारी को ठीक होने के लिए एक हफ्ते से लेकर दो हफ्ते लग जाते है।

अगर डॉक्टर ने दवाइयां देकर घर पर आराम करने की सलाह दी है तो इन बातो का ध्यान रखे–

  1. डॉक्टर्स के अनुसार बुखार उतरने के 24 से 48 घंटे तक खूब सारा पानी पीना चाहिए इससे रक्त की मात्रा रक्त धमनियों में बढ़ने लगेगी।
  2. ज्यादा से ज्यादा लिक्विड यानि तरल चीजो का ही सेवन करे।
  3. डॉक्टर ने जितनी दवा लेने को कही है उतनी ही ले और समय पर ले, अपने हिसाब से कभी भी या ज्यादा दवा न ले, इससे फायदा नही नुक्सान होगा।
  4. जब डेंगू बुखार हो कभी भी ब्रुफीन(ibuprofen) दवा न ले। इस जैसी दवाइयों से रक्तस्त्राव के बढ़ने का खतरा बना रहता है।
  5. इस बात पर ध्यान दे कि रोगी कितनी बार और कितने समय के बाद पेशाब करने जाता है। अगर ६ घंटे में उसको पेशाब आता है तो इसका अर्थ है उसके शरीर में पानी की मात्रा सही है। अगर ६ घंटे के बाद भी पेशाब न आए तो डॉक्टर से संपर्क करे।
  6. रोगी को गीली पट्टी करे ताकि शरीर का तापमान कम हो।
  7. कमरे में पंखा चलाकर रखे ताकि कमरे का तापमान कम हो।

डेंगू बुखार के घरेलू इलाज (Home Remedies For Dengue Treatment in Hindi)

“एक बात का ख़ास ध्यान रखे डेगू बुखार के लिए कोई भी घरेलु इलाज करने से पहले अपने डॉक्टर से जरुर परामर्श करे।”

डेंगू की दवाइयों के साथ साथ आप कुछ घरेलु नुस्खे भी अपना सकते है–

  1. गिलोय के तनो को एक गिलास पानी में अच्छे से उबाले, छाने और इसमें तुलसी के पत्ते मिलाकर पी ले। इससे इम्युनिटी सिस्टम स्ट्रोंग होगा और मेटोबोलिक रेट बढेगा जिससे आप इन्फेक्शन से बचे रह सकते है।
  2. मेथी के पत्तो को अच्छे से धोकर साफ़ पानी में भिगो दे और पी ले। इससे रोगी को दर्द में आराम भी मिलेगा और उसको नीद भी आ जाएगी।
  3. पीपल के पत्ते धोके, चबा चबा के खा ले या इसका ड्रिंक बनाए और पी ले। इस उपाय से प्लेटलेट्स बढेंगे, बदन दर्द कम होगा, थकान कम होगी और कमजोरी दूर होगी। ये शरीर से टोक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है ।
  4. हल्दी को दूध में मिलाके पीने से भी आराम आता है और हल्दी में मेटाबालिज्म बढाने का गुण होता है।
  5. पानी में तुलसी के पत्ते और काली मिर्च करीबन २ ग्राम मिलाए और उबाले। अब इसे ठंडा करके पी ले। इससे इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता और ये एक एंटी बायोटिक का काम भी करेगी।

उम्मीद है आपको डेंगू बुखार से सम्बंधित हर जानकारी मिल गयी होगी।