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Famous 30 Bhagat Singh Quotes in Hindi – शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार

Famous 30 Bhagat Singh Quotes in Hindi – शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार

  • Life is lived on its own other’s shoulders are used handiest at the time of the funeral.
    ज़िन्दगी तो अपने दम पर ही जी जाती है … दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं.
  • “Lovers, Lunatics and poets are made of same stuff.”
    “प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।“
    ~ भगत सिंह
  • “देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।“ ~ भगत सिंह
  • ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था.
    Revolution did not necessarily involve sanguinary strife. It was not a cult of bomb and pistol.
  • राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है.
    Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail.
  • “सूर्य विश्व में हर किसी देश पर उज्ज्वल हो कर गुजरता है परन्तु उस समय ऐसा कोई देश नहीं होगा जो भारत देश के सामान इतना स्वतंत्र, इतना खुशहाल, इतना प्यारा हो।”
    ~ भगत सिंह
    “May the Sun in his course visit no land more free, more happy, more lovely, than this our own Country.”
  • मैं एक इंसान हूँ और सभी जो मानव जाति को प्रभावित करतें है, वें मुझसें चिंतित हैं.
    I am a person and all that impacts mankind worries me.
  • क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे.
    The sanctity of law can be maintained only so long as it is the expression of the will of the people.
    Bhagat Singh भगत सिंह
  • वें मुझें मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों कों नहीं मार सकते, वें मेरे शरीर कों कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को नहीं कुचल सकतें.
    They may additionally kill me, however, they can not kill my ideas. They can weigh down my body, but they will no longer be capable of overwhelming my spirit.
  • आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है.
    The people generally get accustomed to the established order of things and begin to tremble at the very idea of a change. It is this lethargical spirit that needs be replaced by the revolutionary spirit.
  • यह ब्यक्तियों को मारना आसान है, लेकिन आप विचारों को नहीं मार सकते.
    It is simple to kill individuals but you can not kill the idea.
  • “राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है। मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।“
    “Every tiny molecule of Ash is in motion with my heat I am such a Lunatic that I am free even in Jail.”
    ~ भगत सिंह
  • प्यार हमेशा आदमी के चरित्र कों ऊपर उठाता है, यह कभी उसे कम नहीं करता है, बल कि प्रेम और प्रदान करता हैं.
    Love usually elevates the man or woman of guy. It by no means lowers him, furnished love be love.
  • “जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी।“
    ”Any man who stands for progress has to criticize, disbelieve and challenge every item of the old faith.”
    ~ भगत सिंह
  • प्रेमी और कविताएँ एक ही समाग्री से बनें हैं.
    Lover, Lunatics, and poets are made from the same stuff.
  • “मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा , आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ। पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है।”
    “I emphasize that I am full of ambition and hope and of full charm of life. But I can renounce all at the time of need, and that is the real sacrifice.”
    ~ भगत सिंह
  • महान आवश्यकता के समय, हिंसा अनिवार्य हैं.
    In instances of high-quality necessity, violence is imperative.
    Bhagat Singh
  • जन संघर्ष के लिए, अहिंसा आवश्यक हैं.
    For mass struggles, nonviolence is essential.
  • यदि बधिरों को सुनना है, तो आवाज बहुत जोर से होनी चाहिए.
    If the deaf is to hear, the sounds need to be very loud.
  • आत्मा बल को शरीरिक बल के साथ जोड़ा जाना चाहिए ताकि अत्याचारी दुश्मन की दया पर बनें ना रहें.
    It is here that soul-force must be blended with bodily force in order not to remain at the mercy of the tyrannical and ruthless enemy.
    Bhagat Singh भगत सिंह
  • निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं.
    Merciless criticism and independent thinking are the two necessary traits of revolutionary thinking.
  • “क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।”
    “Revolution is an inalienable right of mankind. Freedom is an imperishable birth right of all. Labour is the real sustainer of society.”
    ~ भगत सिंह
  • “बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते हैं। क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।“ ~ भगत सिंह
  • “मेरा धर्म सिर्फ देश की सेवा करना है।”~ भगत सिंह
  • “दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत, मेरी मिट्ठी से भी खूशबू-ए-वतन आएगी।“ ~ भगत सिंह
  • मैं इस बात पर बल देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ. पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान होगा.
    I accentuate that I’m loaded with desire and trust and of a full appeal of life. anyway, I will revoke all at the season of need, which is that the genuine forfeit.
  • “यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।“ ~ भगत सिंह
  • “सिने पर जो ज़ख्म है, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।“ ~ भगत सिंह
  • “क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे।”
    “The sanctity of law can be maintained only so long as it is the expression of the will of the people.”
    ~ भगत सिंह
  • In Hindi: इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे.
    Man acts only when he is sure of the justness of his action, as we threw the bomb in the Legislative Assembly.