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भारतीय गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी का इतिहास, निबंध और महत्व

26 january republic day essay in hindi 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है. जैसा कि आप जानते हैं यह दिवस भारत के गणतंत्र बनने की खुशी में मनाया जाता है. भारतवासियों के 26 जनवरी का दिन गौरव का दिन होता है. इस दिन पूरे देश भर में अलग—अलग जगह विशेष कार्यक्रम होते हैं.

गणतंत्र दिवस का जश्न ( Celebration of Republic)

गणतंत्र दिवस के दिन स्कूलों में, आफिसों में और सभी खास जगहों में राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराने का कार्यक्रम आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में बच्चे भी पूरे उत्साह से भाग लेते हैं. वहीं स्कूली बच्चे जिला मुख्यालयों, प्रांतों की राजधानियों और देश की राजधानी के परेड में भाग लेते हैं. साथ ही कई स्थानों में सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी होती हैं. लोकनृत्य, लोकगीत, राष्ट्रीय गीत और अलग — अलग प्रकार के कार्यक्रम होते हैं.

वैसे तो पूरे देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है लेकिन मुख्य केन्द्र राजधानी दिल्ली होता है. दिल्ली में विजय चौक पर मंच बनाया जाता है और दर्शक दीर्घा होती है. देश के राष्ट्रपति अपने अंगरक्षकों के साथ यहाँ पधारते हैं और राष्ट्रध्वज फहराते हुए 21 तोपों की सलामी दी जाती है. इस के साथ सेना के बैंड राष्ट्रगान की धुन गाते हैं और राष्ट्रपति परेड का निरीक्षण करते हैं.

गणतंत्र दिवस पर परेड:

गणतंत्र दिवस की परेड का दृश्य बहुत ही आकर्षक होता है. सेना और अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ कदम से कदम मिलते हुए आगे बढ़ती चली जाती हैं. परेड के बाद झांकियों का दृश्य सलामी मंच के सामने से गुजरता हुआ आगे बढ़ जाता है. परेड में एक से बढ़कर एक सजी- धज्जी झाकियाँ देखने को मिलती है. किसी में कश्मीर के शिकारे का दृश्य देखने को मिलता है तो किसी में महात्मा बुद्ध की शांत मुद्रा की झलक दिखती है. किसी झांकी में महाराणा प्रताप अपने घोड़े चेतक पर नजर आते है तो किसी में लक्ष्मीबाई. इस खास परेड को देखने नेतागण, राजदूत और आम जनता बड़ी संख्या में आती है. इस खास अवसर पर किसी राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है.

26 जनवरी का इतिहास ( History of 26 January )


सन् 1950 की 26 जनवरी के दिन हमारे भारत देश को एक गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित किया गया था और इसी दिन स्वतंत्र भारत का नया संविधान अपना कर नए युग का आग़ाज़ किया था. यह दिन भारत के लोगों के लिए स्वाभिमान और सम्मान का दिन था. इस दिन पूरे देश में जश्न मनाया गया. भारत की जनता बहुत खुश थी. तब से हर साल की 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाई जाती है. संविधान अपनाने के साथ ही देश को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में पहला राष्ट्रपति भी मिला.

26 जनवरी 1950 के बाद से देश में सभी काम संविधान के हिसाब से किए गए. शायद हर बात आप को पता ही होगी लेकिन क्या आप को पता है, गणतंत्र दिवस कितने बजे लागू किया गया था. पीआईबी यानी प्रेस इन्फॉरमेशन ब्यूरो, भारत सरकार के मुताबिक देश में 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत एक गणतंत्र बना था. इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी. इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे.पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था.

तिरंगे का इतिहास ( History of Flag )

हर स्‍वतंत्र राष्‍ट्र का अपना एक ध्‍वज होता है. यह एक आजाद देश होने का संकेत है. भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना पिंगली वैंकैयानन्‍द ने की थी और इसे 22 जुलाई 1947 को आयोजित भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था. जो 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्‍वतंत्रता के कुछ ही दिन पहले की गई थी. इसे 15 अगस्‍त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया गया है और इसके पश्‍चात भारतीय गणतंत्र ने इसे अपनाया। भारत में तिरंगे का अर्थ भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज है.

पहले राष्ट्रपति का पहला भाषण ( First Speech of President)

हमारे देश पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पहले भाषण में कहा था कि हमने एक ही संविधान और संघ में हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को पाया है. जो देश में रह रहे 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है. यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने सालों बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लड़ रहे हैं. अब वक्त आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन सभी बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है.

जैसे कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने अंग्रेजों को हमारे देश से निकाल दिया था. हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा. हमें अपने भारत देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता और आदि जैसे चीजों को अच्छी तरह समझना होगा और इनका हल निकालना होगा.

2019 गणतंत्र दिवस पर खास :

• 2019 में भारत का 70 वां गणतंत्र दिवस आयोजित किया जाएगा और इस गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि दक्षिण अफ्रीका के पांचवे और मौजूदा राष्ट्रपति “माटामेला सिरिल रामाफोसा” होंगे.

• 2019 में मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस इसलिए खास होगा क्योंकि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का साल भी है. इस साल 26 जनवरी के दिन महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि प्रदान करने के साथ गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत की जायेगी.


• साथ ही इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर 19 प्रदेश अपनी झांकियां निकालेंगे और इस साल के एक विषय का थीम गांधी जी पर भी आधारित होगा क्योंकि इस वर्ष गांधी जी की 150वीं जयंती पूरी होने वाली है.


• इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में काशी हिंदू विश्वविद्यालय यानी बीएचयू के 8 एनसीसी के कैडेट भी हिस्सा लेंगे और इस दौरान इन एनसीसी कैडेटों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने का मौका भी मिलेगा।


• इस साल गणतंत्र दिवस परेड में M777 होवित्जर और K9 वज्र जैसी स्व-चालित तोपें देखने को मिलेंगी। बता दें, इन दोनो तोपों को हाल ही में भारतीय सेना के तोपखाने में शामिल किया गया है.